उत्तर प्रदेश
वृंदावन
श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं की वनस्थली — यहाँ का हर कुंज बाँसुरी को स्मरण रखता है, और हर गली आज भी कृष्ण से पहले राधा का नाम पुकारती है।
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निधिवन — वह वन जो साँझ ढलते ही खाली कर दिया जाता है
हर शाम वृंदावन के एक छोटे-से वन के द्वार बाहर से बंद कर दिए जाते हैं। बंदर तक दीवारें लाँघकर निकल जाते हैं। क्योंकि कहते हैं, अँधेरा होते ही यहाँ आज भी श्रीकृष्ण रास रचाते हैं — और जो देखने रुका, वह होश में नहीं लौटा।

कृष्ण ने राधा से विवाह क्यों नहीं किया
यदि राधा ने कृष्ण से वैसा प्रेम किया जैसा कभी किसी ने नहीं किया, तो वे मथुरा क्यों चले गए और रुक्मिणी से विवाह क्यों किया? भक्ति परंपरा का उत्तर त्रासदी नहीं — सार है।

कृष्ण के जाने के बाद राधा का क्या हुआ
वे मथुरा चले गए और फिर कभी वृंदावन नहीं लौटे। कहा जाता है राधा ने शेष जीवन प्रतीक्षा में बिताया — और दोनों का सच्चा मिलन केवल उनकी अंतिम साँस में हुआ।